नसीहत

ये नसीहत है मेरी उससे  जो मेरा कल है, जो शायद कामियाब है; के किसी नाकामियाब को कामयाबी के नुस्खे और मशवरे ना देना.
ये तो सिर्फ वक्त की बात है, कल तुझे भी क्या पता था कि ये 
'आज ' तेरे कदमोमे था..!!

                              ~ अचलेय

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